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मूतà¥à¤°à¤¨à¤²à¥€/मूतà¥à¤°à¤®à¤¾à¤°à¥à¤— में संकà¥à¤°à¤®à¤£ और उसके कारण उतà¥à¤¤à¥à¤ªà¤¨ जटिलताà¤à¤‚, उपचार की विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾
मूतà¥à¤°à¤¨à¤²à¥€/मूतà¥à¤°à¤®à¤¾à¤°à¥à¤— में संकà¥à¤°à¤®à¤£ और सूकà¥à¤·à¥à¤®à¤œà¥€à¤µ(माइकà¥à¤°à¥‹à¤¬à¤¿à¤¯à¤²)उतà¥à¤¤à¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ होने की वजह से गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡, मूतà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹à¤¿à¤¨à¥€, मूतà¥à¤°à¤¾à¤¶à¤¯ और मूतà¥à¤°à¤®à¤¾à¤°à¥à¤— संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ हो सकता है। अधिकांश संकà¥à¤°à¤®à¤£ आमतौर पर मूतà¥à¤° पथ के निचले हिसà¥à¤¸à¥‡ यानी मूतà¥à¤°à¤¾à¤¶à¤¯ और मूतà¥à¤°à¤®à¤¾à¤°à¥à¤— में होता है। इस लकà¥à¤·à¤£ के आधार पर सामानà¥à¤¯à¤¤à¤ƒ उपयोग की जाने वाली विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ पारिà¤à¤¾à¤·à¤¿à¤• शबà¥à¤¦ निमà¥à¤²à¤¿à¤–ित है:
मूतà¥à¤°à¤®à¤¾à¤°à¥à¤— में होने वाली सूजन/संकà¥à¤°à¤®à¤£ (सिसà¥à¤Ÿà¤¿à¤Ÿà¤¿à¤¸): यह संकà¥à¤°à¤®à¤£ मूतà¥à¤°à¤¾à¤¶à¤¯/मूतà¥à¤° वसà¥à¤¤à¤¿ तक सीमित रहता है। इसके वजह से जलन के साथ पेशाब, मूतà¥à¤° की तीवà¥à¤° इचà¥à¤›à¤¾, बारंबार होना और असहनीय दरà¥à¤¦ उतà¥à¤¤à¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ होता है।
पायलोनेफà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸: यह गà¥à¤°à¥à¤¦à¤¾ संबंधी संकà¥à¤°à¤®à¤£ है। यह मूतà¥à¤°à¤®à¤¾à¤°à¥à¤— में संकà¥à¤°à¤®à¤£(यूटीआई) का सबसे खतरनाक रूप है और इसमें ठंड लगना या लगातार बà¥à¤–ार का आना, पेट में दरà¥à¤¦, जीठमचलते हà¥à¤ या बिना जीठमचले हà¥à¤ उलà¥à¤Ÿà¥€ जैसे लकà¥à¤·à¤£ उतà¥à¤¤à¥à¤ªà¤¨ होती है।
मूतà¥à¤°à¤®à¤¾à¤°à¥à¤— में जलन या दाह (यूरेथरिटिस): यह संकà¥à¤°à¤®à¤£ मूतà¥à¤°à¤®à¤¾à¤°à¥à¤— से जà¥à¥œà¤¾ है। आमतौर पर ये दरà¥à¤¦ पेशाब के दौरान जलन की वजह से होता है और पेशाब à¤à¥€ बà¥à¤°à¥‡ गंध(गंदे वास) के साथ होता है।
मूतà¥à¤° पथ संकà¥à¤°à¤®à¤£ के संदरà¥à¤ में कà¥à¤› और महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ पारिà¤à¤¾à¤·à¤¿à¤• शबà¥à¤¦ निमà¥à¤²à¤¿à¤–ित है:
मूतà¥à¤°à¤®à¤¾à¤°à¥à¤— में आसामानà¥à¤¯ संकà¥à¤°à¤®à¤£ (यूटीआई): आसामानà¥à¤¯/उगà¥à¤° रूप से मूतà¥à¤°à¤®à¤¾à¤°à¥à¤— में फैले संकà¥à¤°à¤®à¤£(यूटीआई)बà¥à¤¨à¥‡ की वजह से सà¤à¥€ पà¥à¤°à¥à¤·, गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाà¤à¤‚, मूतà¥à¤° पथ के संरचनातà¥à¤®à¤• या कारà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• असामानà¥à¤¯à¤¤à¤¾à¤“ं वाले रोगी, मूतà¥à¤° निकासी नली( मूतà¥à¤° कॅथेटरà¥à¤¸)उपयोग करने वाले रोगी, गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ की बीमारियों जैसे और अनà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ में असमरà¥à¤¥à¤¤à¤¾ की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ उतà¥à¤¤à¤ªà¤¨ करती है।
à¤à¤Ÿà¤¿à¤¯à¤²à¤œà¤¿: आमतौर पर ई। कोलाई, कà¥à¤²à¥‡à¤¬à¤¸à¥€à¤²à¤¾, पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤¯à¤¸, सà¥à¤¯à¥‚डोमोनास, à¤à¤‚टरोकोकस, सà¥à¤Ÿà¥‡à¤«à¤¿à¤²à¥‹à¤•ोकस
कवक: कैंडिडा पà¥à¤°à¤œà¤¾à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚(à¤à¤• फंगल/कवक संकà¥à¤°à¤®à¤£ जो की आमतौर पर तà¥à¤µà¤šà¤¾ या चिपचिपा à¤à¤¿à¤²à¥à¤²à¥€ पर होता है)
टà¥à¤¯à¥à¤¬à¤°à¤•à¥à¤²à¤°(कà¥à¤·à¤¯ रोग संबंधी)
मूतà¥à¤° में संकà¥à¤°à¤®à¤£ के संकेत और लकà¥à¤·à¤£:
अतà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤¶à¥à¤¯à¤•ता – पेशाब करने की तीवà¥à¤° इचà¥à¤›à¤¾
पेशाब में कठिनईया(डिसà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾) – पेशाब करते समय जलन होना
बारंबार होना – बार बार पेशाब का आना, अकà¥à¤¸à¤° कम पेशाब का होना
मलिन,असà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ/à¤à¤¾à¤—दार और हलके रंग का पेशाब होना
लाल, चमकदार गà¥à¤²à¤¾à¤¬à¥€ या कोला रंग का मूतà¥à¤° – मूतà¥à¤° में रकà¥à¤¤ का संकेत होना
मूतà¥à¤°/पेशाब से बदबू आना
पेट में दरà¥à¤¦ – अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤•, दोनों तरफ से दरà¥à¤¦ का होना, पेडू में दरà¥à¤¦(महिलाओं), चिरसà¥à¤¥à¤¾à¤¯à¥€ (पेरेनियल) दरà¥à¤¦
मूतà¥à¤° में संकà¥à¤°à¤®à¤£ के जोखिम :
महिला – यौन सकà¥à¤°à¤¿à¤¯, मासिक धरà¥à¤® का बनà¥à¤¦ होना(पोसà¥à¤Ÿà¤®à¥‡à¤¨à¥‹à¤ªà¥‰à¤œà¤¼à¤²)
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ में असमरà¥à¤¥à¤¤à¤¾ की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ – मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ मेलेटस, शारीर में पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¤¾à¤°à¥‹à¤ªà¤£ के बाद की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿, आयà¥>६० वरà¥à¤·, सà¥à¤Ÿà¥‡à¤°à¥‰à¤¯à¤¡ या किसी अनà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾à¤¦à¤®à¤¨à¤•ारी दवाओं वाला रोगी
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾
मूतà¥à¤° पथ के संरचनातà¥à¤®à¤• या कारà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• असामानà¥à¤¯à¤¤à¤¾à¤à¤‚ – जिसमें मूतà¥à¤° मूतà¥à¤°à¤¾à¤¶à¤¯ से मूतà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹à¤¿à¤¨à¥€/गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ में पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤—ामी या पीछे की ओर बहता है(वेसिकोरेरिक रिफà¥à¤²à¤•à¥à¤¸),तंतà¥à¤°à¤¿à¤•ाजनà¥à¤¯(नà¥à¤¯à¥‚रोजेनिक)मूतà¥à¤°à¤¾à¤¶à¤¯,मूतà¥à¤°à¤®à¤¾à¤°à¥à¤— का पिछला दà¥à¤µà¤¾à¤°(वालà¥à¤µ), मूतà¥à¤° पथ में पथरी, मूतà¥à¤°à¤®à¤¾à¤°à¥à¤— दोष आदि होता है।
मूतà¥à¤° पथ के उपकरण
जटिलताà¤à¤‚ – आसामानà¥à¤¯ और जटिल यूटीआई के रोगियों में बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾, सेपà¥à¤¸à¤¿à¤¸, मलà¥à¤Ÿà¥€à¤ªà¤² ऑरà¥à¤—न सिसà¥à¤Ÿà¤® डिसफंकà¥à¤¶à¤‚स, शॉक और विकट गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ की विफलता, रीनल कॉरà¥à¤Ÿà¥‹à¤®à¥‡à¤¡à¥à¤¯à¥‚लेरी फोड़ा, पेरिनेफà¥à¤°à¤¿à¤• फोड़ा,
ऊतकों में गैस संचय होना(à¤à¤®à¥à¤«à¥€à¤¸à¥‡à¤®à¤Ÿà¥‹à¤¸ पाइलोनेफà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸) या पैपिलरी नेकà¥à¤°à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸ पाठजा सकते हैं,जो घातक à¤à¥€ हो सकते हैं।
निदान: रोगी का मेडिकल इतिहास,शारीरिक परीकà¥à¤·à¤£,मूतà¥à¤° की नियमित जाà¤à¤š और मूतà¥à¤° कलà¥à¤šà¤° जांच,अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड और सीटी सà¥à¤•ैन सहित इमेजिंग अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ किया जाता है।
उपचार की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾:
उचित à¤à¤‚टीबायोटिक दवाओं, फंगसरोधी (मूतà¥à¤° कलà¥à¤šà¤° जांच के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°) का उपयोग होता है।
आसामानà¥à¤¯ यूटीआई (घाव का सड़ना(सेपà¥à¤Ÿà¥€à¤¸à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾),आघात, विकट गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ की चोट से संबंधित) के मामले में ऑयवी à¤à¤‚टीबायोटिक दवाओं का उपयोग होता है।
पथरी को हटाना, मूतà¥à¤°à¤®à¤¾à¤°à¥à¤— रोग में सà¥à¤§à¤¾à¤° करना जैसे सटीक उपलबà¥à¤§ उपचार के दà¥à¤µà¤¾à¤°à¥‡ मूतà¥à¤° पथ के संरचनातà¥à¤®à¤• या कारà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• असामानà¥à¤¯à¤¤à¤¾ को दूर किया जा सकता है।
बारमà¥à¤¬à¤¾à¤° होनेवाला यूटीआई के मामले में पूरà¥à¤£ रोगनिरोध होने के लिठ3 महीने तक मौखिक à¤à¤‚टीबायोटिक लेना होगा।
रोकथाम की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾:
बहà¥à¤¤ सारे तरल पदारà¥à¤¥,विशेष रूप से पानी पिà¤à¤‚
कà¥à¤°à¥ˆà¤¨à¤¬à¥‡à¤°à¥€ जूस पिà¤à¤‚
वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤—त सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯-रकà¥à¤·à¤¾ और सà¥à¤µà¤šà¥à¤›à¤¤à¤¾ बनाठरखें
लंबे समय तक पेशाब को रोककर न रखें
दिआफà¥à¤°à¤¾à¤—à¥à¤®à¤¸,जनà¥à¤® नियंतà¥à¤°à¤£ के लिठबिना चिकनाई वाले शà¥à¤•à¥à¤°à¤¾à¤£à¥à¤¨à¤¾à¤¶à¤• कंडोम,गंदे सारà¥à¤µà¤œà¤¨à¤¿à¤• शौचालय और सà¥à¤µà¤¿à¤®à¤¿à¤‚ग पूल के उपयोग से बचें।
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